अनेक बार इस विषय पर विवाद होता देखा गया है कि महर्षि दयानन्द धार्मिक क्षेत्र के महापुरुष थे या समाजोद्धारक नेता? किन्तु जिन्होंने महर्षि दयानन्द के व्यक्तित्व व कृतित्व का गहन अध्ययन किया है, वे जानते हैं कि यह विवाद निरर्थक है।
विषय-सूची
01 वर्ण-व्यवस्था
पृ.19
02 आश्रम-व्यवस्था
पृ.37
03 गृहस्थाश्रम व नारी
पृ.53
क्र.02
राज्य-व्यवस्था
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
राज्य-व्यवस्था
Unknown
आर्य समाज की जन्मशताब्दी के अवसर पर 'महर्षि स्वामी दयानन्द के विचारों के अनुकूल राज्य-व्यवस्था कैसी होनी चाहिए' - इसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत पुस्तक के माध्यम से करते हुए मैं अपार हर्ष का अनुभव कर रहा हूँ।
विषय-सूची
01 शासन-व्यवस्था
पृ.87
02 शासक और शासित
पृ.99
03 रक्षा-व्यवस्था
पृ.105
04 अर्थ-व्यवस्था
पृ.119
05 न्याय-व्यवस्था
पृ.131
06 देश की उन्नति व स्वतंत्रता के प्रेरक: महर्षि दयानन्द
पृ.145
क्र.03
वैदिक साहित्य में नारी
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
वैदिक साहित्य में नारी
Unknown
वैदिक नारी के संबंध में मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि संपूर्ण वैदिक साहित्य में वेद से लेकर सूत्र-ग्रंथ-पर्यन्त नारी-विषयक प्रायः एक ही विचारधारा उपलब्ध होती है।
विषय-सूची
01 नारी: कन्या रूप में
पृ.163
02 गृहस्थाश्रम में प्रवेश
पृ.177
03 पत्नी और घर
पृ.193
04 पत्नी और पति
पृ.201
05 नारी: जननी रूप में
पृ.215
06 विधवा और उसकी स्थिति
पृ.231
07 नारी और उसके संबंधी
पृ.237
08 श्रृंगार व वेश-भूषा
पृ.245
09 नारी और यज्ञ
पृ.249
10 नारी और उसकी स्वतंत्रता
पृ.255
11 अपना वक्तव्य
पृ.261
क्र.04
आयुर्वेद के ज्ञाता महर्षि दयानन्द
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
आयुर्वेद के ज्ञाता महर्षि दयानन्द
Unknown
महर्षि दयानन्द मनुष्य को अणु से लेकर ब्रह्माण्ड तक के ज्ञान को प्राप्त करने का निरन्तर प्रयत्न करते रहने का उपदेश करते थे।
विषय-सूची
01 आयुर्वेद की शिक्षा की अनिवार्यता
पृ.287
02 सन्तानोत्पत्ति और सन्तान का पालन
पृ.289
03 स्वास्थ्य रक्षा के साधन
पृ.297
04 महर्षि दयानन्द द्वारा निर्दिष्ट औषधियाँ
पृ.313
05 महर्षि दयानन्द पर रोगों का आक्रमण: कारण और उपचार
पृ.319
क्र.05
भारत में शिक्षा अथवा अशिक्षा
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
भारत में शिक्षा अथवा अशिक्षा
Unknown
भारतीय संस्कृति में शिक्षा का आरम्भ बालक के होश संभालने पर उसे अक्षराभ्यास आदि सिखाने से नहीं माना, वरन् उससे भी पूर्व शिशु के लिए किये गये प्रत्येक प्रयत्न को शिक्षा कहा है।
विषय-सूची
01 प्राचीन शिक्षा का आरम्भ
पृ.335
02 ब्रिटिश शासन से पूर्व भारत में प्रचलित शिक्षा प्रणाली
पृ.359
03 ब्रिटिश शासन द्वारा आरोपित शिक्षा-प्रणाली
पृ.367
04 स्वतंत्रता से पूर्व भारतीय-शिक्षा के आन्दोलन
पृ.371
क्र.06
धर्म का स्वरूप
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
धर्म का स्वरूप
Unknown
विविध भाषाओं को बोलने वाले और भिन्न-भिन्न धर्मों (पंथों) को मानने वाले लोगों को इस भूमि पर इस प्रकार प्रेम से मिलकर रहना चाहिए जैसे एक घर के लोग रहा करते हैं।
विषय-सूची
01 धर्म का स्वरूप
पृ.471
02 धर्म के लक्षण
पृ.477
03 धर्म के साधन
पृ.515
04 धर्म का आचरण
पृ.533
05 वैदिक धर्म का उद्धारक
पृ.543
06 धर्म की सार्वभौमिकता
पृ.561
07 साम्प्रदायिकता, धर्म, धर्मनिरपेक्षता व धार्मिक शिक्षा
पृ.567
08 धर्म और मार्क्सवाद
पृ.577
09 धर्म और राजनीति
पृ.589
10 इस युग में अधर्म व बुराई क्यों?
पृ.595
क्र.07
आपत्काल के उन्नीस महीने
व्यावहारिक मार्गदर्शिका
आपत्काल के उन्नीस महीने
Unknown
मेरी जेल-दैनन्दिनी में आपत्काल, दिल्ली व अम्बाला जेल के विवरण के साथ सरकार के राजनीतिक घटनाचक्र का भी एक तथ्यात्मक वर्णन है।
विषय-सूची
01 जेल जाने से पूर्व
पृ.609
02 और अन्ततः जेल पहुँच ही गया!
पृ.617
03 नियमित दैनन्दिनी
पृ.625
04 और अब यह अम्बाला जेल
पृ.663
05 सात दिनों की अस्थायी मुक्ति (पैरोल)
पृ.695
06 फिर उसी पुराने घर में
पृ.699
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